नेपाल सरकार ने गोल्ड और गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री पर दो फ़ीसदी का लग्ज़री टैक्स लगा दिया है। इससे नेपाल में तस्करी का सोना आने की आशंका बढ़ गई है। गोल्ड कारोबारियों का कहना है इससे नेपाल-चीन, नेपाल-भारत और नेपाल-दुबई रूट पर इसकी तस्करी बढ़ जाएगी।
पिछले दिनों नेपाल के वित्त मंत्री विष्णु पौडेल ने बजट प्रावधानों का एलान करते हुए कहा था कि सोना और सोने के गहनों की सभी तरह की बिक्री पर लग्ज़री टैक्स लगेगा।
इससे पहले भी नेपाल सरकार ने दस लाख रुपये (नेपाली रुपया) से ज्यादा की सोने की खरीद-बिक्री पर ऐसा ही टैक्स लगाया था। लेकिन इस बजट में इस सीलिंग को ख़त्म कर दिया है। अब सोने की हर छोटी-बड़ी खरीद-बिक्री पर टैक्स लगेगा।
दरअसल नेपाल सरकार अपना राजस्व बढ़ाना चाहती है इसलिए वो नए रास्ते तलाश रही है। गोल्ड पर लग्ज़री टैक्स लगाना ऐसा ही कदम माना जा रहा है। सरकार ने इस बजट में लग्ज़री टैक्स के जरिये 43.42 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।
इस पर नेपाल गोल्ड एंड सिल्वर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धर्म सुंदर वज्राचार्य ने कहा, ”सरकार के इस कदम से गोल्ड की बिक्री पर असर पड़ेगा। हम ये कहते रहे हैं कि हमारे संदर्भ में सोना कोई विलासिता की चीज नहीं है। लोग सांस्कृतिक और धार्मिक उद्देश्यों से गोल्ड खरीदते हैं। लोग सोना खरीदने में अपनी बचत का इस्तेमाल करते हैं ताकि वो जब जरूरत पड़े तो इसे बेच सकें।”
नेपाल जेम्स एंड ज्वैलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमन मन ताम्रकार ने कहा कि नेपाल में गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी दस फ़ीसदी है। जबकि भारत में छह फ़ीसदी। अगर विदेश में सोना सस्ता होगा तो लोग वहां से सोना खरीदेंगे। भारत और नेपाल लंबी सीमा साझा करते हैं और कई जगह ये खुली हुई है। ऐसे मे यहां भारत से गोल्ड की तस्करी बढ़ सकती है।
